# साप्ताहिक ब्लॉग## 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026**विद्यालय का नाम: जी.एच.एस. अवनवंचेरी****शिक्षण-अभ्यास: प्रथम चरण**### 5 अक्टूबर 2026 — सोमवार**प्रस्तावना**आज मैं सुबह विद्यालय पहुँची और दैनिक गतिविधियों में भाग लिया। शिक्षण-अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों का उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने का प्रयास किया।**सामान्य क्रियाएँ**विद्यालय की नियमित गतिविधियों के बाद मैंने अपनी शिक्षण संबंधी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए आवश्यक तैयारियाँ कीं। विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और कक्षा में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने पर ध्यान दिया।**कक्षा क्रियाएँ**आज मैंने 8E कक्षा में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। पाठ की विषयवस्तु को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाया। विद्यार्थियों से संबंधित प्रश्न पूछे और उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कक्षा की गतिविधियों में भाग लिया। उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए पाठ को आगे बढ़ाया।**आज के बारे में**आज का दिन मेरे लिए उपयोगी रहा। केवल पाठ पढ़ाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समझ का आकलन करना और उन्हें सीखने के लिए प्रोत्साहित करना भी एक शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आज के अनुभव ने मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाया और मुझे अपने शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।### 6 अक्टूबर 2026 — मंगलवार**प्रस्तावना**आज मैं सुबह विद्यालय पहुँची और नियमित गतिविधियों में भाग लिया। इसके बाद 8E कक्षा में अध्यापन करने के लिए आवश्यक तैयारियाँ पूरी कीं।**सामान्य क्रियाएँ**विद्यालय में दैनिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से हुईं। मैंने अपनी शिक्षण संबंधी जिम्मेदारियों पर ध्यान दिया और विद्यार्थियों के साथ सहयोगपूर्ण संबंध बनाए रखने का प्रयास किया। कक्षा में विद्यार्थियों की रुचि और सहभागिता बढ़ाने के लिए आवश्यक तैयारियाँ कीं।**कक्षा क्रियाएँ**आज मैंने 8E कक्षा में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों के पूर्वज्ञान को समझने के लिए उनसे कुछ प्रश्न पूछे। इसके बाद पाठ की विषयवस्तु को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। विद्यार्थियों को प्रश्नों के उत्तर देने और पाठ से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। जिन विद्यार्थियों को विषय समझने में कठिनाई हुई, उनकी शंकाओं का समाधान किया। अंत में पढ़ाए गए विषयों की पुनरावृत्ति की।**आज के बारे में**आज की कक्षा से मुझे विद्यार्थियों की सीखने की गति और उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों के साथ संवाद करना और उन्हें प्रोत्साहित करना अध्यापन को अधिक प्रभावी बनाता है। आज का दिन मेरे शिक्षण-अनुभव को समृद्ध करने वाला रहा।### 7 अक्टूबर 2026 — बुधवार**प्रस्तावना**आज मैं सुबह विद्यालय पहुँची। नियमित गतिविधियों के बाद 8E और 9D कक्षाओं में अध्यापन करने के लिए तैयार हुई। आज दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों को पाठ योजना के अनुसार पढ़ाने का अवसर मिला।**सामान्य क्रियाएँ**विद्यालय की सामान्य गतिविधियों में भाग लेने के बाद मैंने अपनी कक्षाओं के लिए आवश्यक तैयारियाँ पूरी कीं। विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उन्हें कक्षा की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।**कक्षा क्रियाएँ**आज मैंने 8E और 9D दोनों कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। पाठ को सरल भाषा और उपयुक्त उदाहरणों के माध्यम से समझाया। विद्यार्थियों से प्रश्न पूछकर उनकी समझ का आकलन किया। उन्हें अपने विचार व्यक्त करने और पाठ से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए। विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करते हुए पाठ को आगे बढ़ाया। दोनों कक्षाओं में अध्यापन करने से मुझे समय का उचित प्रबंधन करने का अनुभव मिला।**आज के बारे में**आज का दिन मेरे लिए सीखने और अपने शिक्षण कौशल को विकसित करने का अच्छा अवसर था। दो अलग-अलग कक्षाओं में अध्यापन करते समय मुझे विद्यार्थियों की रुचि, समझ और सहभागिता पर विशेष ध्यान देने का महत्त्व समझ में आया। इस अनुभव ने मुझे एक बेहतर शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया।### 8 अक्टूबर 2026 — गुरुवार**प्रस्तावना**आज मैं सुबह विद्यालय पहुँची। आज का दिन नियमित शिक्षण गतिविधियों के साथ विशेष भी था, क्योंकि विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए योगाभ्यास आयोजित किया गया था।**सामान्य क्रियाएँ**विद्यालय की नियमित गतिविधियों के बाद योगाभ्यास आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया और उसका आनंद लिया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और एकाग्रता के महत्त्व को समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखकर मुझे बहुत खुशी हुई।**कक्षा क्रियाएँ**आज मैंने 8E और 9D दोनों कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों को पाठ की विषयवस्तु समझाई और संबंधित प्रश्न पूछे। उन्हें अपनी शंकाएँ पूछने तथा कक्षा की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। आवश्यकतानुसार विषय को दोबारा समझाया और पढ़ाए गए पाठ की पुनरावृत्ति की। योगाभ्यास और नियमित कक्षाओं के कारण आज का दिन विशेष और रोचक रहा।**आज के बारे में**आज का दिन मेरे लिए आनंददायक और यादगार रहा। विद्यार्थियों ने योगाभ्यास में बहुत उत्साह के साथ भाग लिया और उसका आनंद लिया। आज मुझे यह समझने का अवसर मिला कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना भी है। यह अनुभव मेरे शिक्षण-अभ्यास की एक अच्छी याद रहेगा।### 9 अक्टूबर 2026 — शुक्रवार**प्रस्तावना**आज मेरे शिक्षण-अभ्यास के प्रथम चरण का अंतिम दिन था। पिछले दिनों विद्यार्थियों के साथ बिताए गए समय और विद्यालय में प्राप्त अनुभवों को याद करते हुए मैं विद्यालय पहुँची। यह दिन मेरे लिए बहुत विशेष और भावनात्मक था।**सामान्य क्रियाएँ**आज कोई नियमित कक्षा नहीं हुई। शिक्षण-अभ्यास के इस चरण में प्राप्त अनुभवों और विद्यार्थियों के साथ बने संबंधों को याद करने का अवसर मिला। इस दौरान मैंने विद्यालय की दैनिक गतिविधियों, शिक्षकों की जिम्मेदारियों, विद्यार्थियों के व्यवहार और कक्षा प्रबंधन के बारे में बहुत कुछ सीखा।**कक्षा क्रियाएँ**आज शिक्षण-अभ्यास के प्रथम चरण के समापन के अवसर पर विद्यार्थियों ने मुझे अपने अध्यापन के बारे में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मेरे शिक्षण के संबंध में अपने विचार साझा किए और मुझे उपहार भी भेंट किए। विद्यार्थियों का स्नेह और सम्मान देखकर मैं बहुत खुश हुई और भावुक भी हो गई। उनकी प्रतिक्रियाओं ने मुझे अपनी खूबियों को पहचानने और भविष्य में अपने अध्यापन में सुधार करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों से मिले उपहार मेरे लिए बहुत अनमोल हैं।**आज के बारे में**आज का दिन मेरे शिक्षण-अभ्यास के प्रथम चरण का सबसे यादगार दिन रहा। विद्यार्थियों से मिला प्यार, सम्मान, प्रतिक्रिया और उपहार मेरे लिए बहुत मूल्यवान हैं। इस अनुभव ने मुझे समझाया कि शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच का संबंध केवल पढ़ाने और सीखने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसमें स्नेह, विश्वास और आपसी सम्मान भी शामिल होते हैं।इस प्रथम चरण के दौरान मैंने पाठ योजना के अनुसार अध्यापन करना, कक्षा का प्रबंधन करना, विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझना और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद करना सीखा। विद्यार्थियों से प्राप्त प्रतिक्रिया मुझे भविष्य में अपने शिक्षण कौशल को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। प्रथम चरण का समापन मेरे लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और अविस्मरणीय अनुभव है। विद्यार्थियों से मिली प्यारी यादों को मैं हमेशा अपने साथ संजोकर रखूँगी।

28 सितंबर 2026 — सोमवारप्रस्तावनाआज मैं सुबह विद्यालय पहुँची। प्रार्थना के बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियाँ शुरू हुईं। आज 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अध्यापन करने का अवसर मिला।सामान्य क्रियाएँविद्यालय की सामान्य गतिविधियों में भाग लेने के बाद मैंने अपनी कक्षाओं की तैयारी की। विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उन्हें कक्षा की गतिविधियों के लिए तैयार किया। शिक्षकों के आवश्यक कार्यों में भी सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ

आज 8E और 9D कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों को पाठ समझाने के साथ-साथ प्रश्न पूछे और उनके उत्तर सुने। विद्यार्थियों की समझ के अनुसार आवश्यक स्पष्टीकरण भी दिया। दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों ने रुचि और उत्साह के साथ भाग लिया।

आज के बारे में

आज का दिन मेरे लिए एक अच्छा शिक्षण-अनुभव रहा। दोनों कक्षाओं में पढ़ाने से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और उनकी अलग-अलग आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिली।

29 सितंबर 2026 — मंगलवार
प्रस्तावना

आज मैं सुबह 9 बजे विद्यालय पहुँची। प्रार्थना के बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियाँ शुरू हुईं। आज भी 8E और 9D कक्षाओं में अध्यापन किया।

सामान्य क्रियाएँ

कक्षा शुरू होने से पहले मैंने पाठ योजना और आवश्यक शिक्षण सामग्री की तैयारी की। विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें पाठ के लिए तैयार किया। विद्यालय की सामान्य गतिविधियों में भी सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ

आज 8E और 9D दोनों कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। पाठ को विद्यार्थियों के लिए सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया। पाठ से संबंधित प्रश्न पूछे और विद्यार्थियों को उत्तर देने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने कक्षा की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया|

आज के बारे में

आज विद्यार्थियों के साथ बातचीत करते हुए उनके सीखने के स्तर को समझने का अवसर मिला। कक्षा को अधिक रोचक बनाने के लिए विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया। आज का दिन मेरे लिए उपयोगी और संतोषजनक रहा।

30 सितंबर 2026 — बुधवार
प्रस्तावना

आज मैं सुबह विद्यालय पहुँची और नियमित विद्यालयीन गतिविधियों में भाग लिया। आज 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अध्यापन करना था।

सामान्य क्रियाएँ

प्रार्थना के बाद विद्यालय की गतिविधियाँ शुरू हुईं। मैंने अपनी कक्षाओं के लिए आवश्यक तैयारी की और पाठ योजना को एक बार फिर देखा। विद्यार्थियों के साथ बातचीत करके उन्हें कक्षा की गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

कक्षा क्रियाएँ

आज 8E और 9D कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। पाठ समझाने के बाद विद्यार्थियों से संबंधित प्रश्न पूछे और उनकी प्रतिक्रियाएँ सुनीं। कठिन भागों को दोबारा समझाया और विद्यार्थियों को अपनी शंकाएँ पूछने का अवसर दिया। दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आज के बारे में

आज मुझे अपने अध्यापन में विद्यार्थियों की भागीदारी के महत्व को और अच्छी तरह समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं के अनुसार अध्यापन में आवश्यक बदलाव करना मेरे लिए एक अच्छा अनुभव रहा।

1 अक्टूबर 2026 — गुरुवार
प्रस्तावना

आज विद्यालय में एसएफआई बंद के कारण सामान्य शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित हुईं। मैं विद्यालय पहुँची और 8E तथा 9D कक्षाओं में केवल लगभग एक घंटे तक ही कक्षा ले पाई।

सामान्य क्रियाएँ

विद्यालय पहुँचने के बाद सामान्य गतिविधियाँ शुरू हुईं। लेकिन बंद के कारण विद्यालय में अधिक समय तक नियमित गतिविधियाँ जारी नहीं रखी जा सकीं। लगभग एक घंटे की कक्षा के बाद विद्यार्थियों को विद्यालय से छुट्टी दे दी गई।

कक्षा क्रियाएँ

आज 8E और 9D कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। पाठ समझाने के बाद विद्यार्थियों से संबंधित प्रश्न पूछे और उनकी प्रतिक्रियाएँ सुनीं। कठिन भागों को दोबारा समझाया और विद्यार्थियों को अपनी शंकाएँ पूछने का अवसर दिया। दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आज के बारे में

आज मुझे अपने अध्यापन में विद्यार्थियों की भागीदारी के महत्व को और अच्छी तरह समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं के अनुसार अध्यापन में आवश्यक बदलाव करना मेरे लिए एक अच्छा अनुभव रहा।

3 अक्टूबर 2026 — शनिवार
प्रस्तावना

आज शनिवार होने के बावजूद विद्यालय का कार्यदिवस था। मैं सुबह विद्यालय पहुँची और नियमित गतिविधियों में भाग लिया। आज 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अध्यापन किया।

सामान्य क्रियाएँ

प्रार्थना के बाद विद्यालय की सामान्य गतिविधियाँ शुरू हुईं। मैंने अपनी कक्षाओं के लिए आवश्यक तैयारी की और पाठ योजना के अनुसार अध्यापन की योजना बनाई। विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें कक्षा की गतिविधियों के लिए तैयार किया।

कक्षा क्रियाएँ

आज 8E और 9D दोनों कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों को पाठ समझाया, उनसे प्रश्न पूछे और उनकी प्रतिक्रियाएँ सुनीं। पाठ से संबंधित गतिविधियों में विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से शामिल किया। विद्यार्थियों की शंकाओं को दूर करने का भी प्रयास किया।

आज के बारे में

आज का दिन मेरे शिक्षण-अभ्यास के लिए उपयोगी रहा। दोनों कक्षाओं में अध्यापन करते हुए मुझे विद्यार्थियों के साथ बेहतर संवाद करने और अपनी शिक्षण-पद्धति को और प्रभावी बनाने का अवसर मिला।

साप्ताहिक शिक्षण अभ्यास जर्नल21 से 26 सितम्बर 202621 सितम्बर 2026 – सोमवारअवकाशआज विद्यालय में अवकाश था। सोमवार का अवकाश होने के कारण आज कोई नियमित कक्षा या अन्य विद्यालयीन गतिविधि नहीं हुई। इस दिन के बदले शनिवार को विद्यालय में कार्य दिवस रखा गया था।

22 सितम्बर 2026 – मंगलवार

प्रस्तावना:
आज शिक्षण अभ्यास का एक सामान्य और अनुभवपूर्ण दिन रहा। विद्यालय में आगामी कलोत्सव से संबंधित विभिन्न तैयारियाँ और अभ्यास चल रहे थे।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। विद्यालय पहुँचने के बाद नियमित विद्यालयीन गतिविधियों में भाग लिया। विद्यार्थी कलोत्सव में प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का अभ्यास कर रहे थे। मैंने विद्यार्थियों को उनकी तैयारियों में आवश्यक सहायता प्रदान की। दोपहर के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरित करने में भी सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज मैंने 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विषयवस्तु को विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार सरल और स्पष्ट तरीके से समझाया। प्रश्नोत्तर तथा अन्य शिक्षण-अधिगम गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

आज के बारे में:
आज अध्यापन के साथ-साथ कलोत्सव की तैयारियों में विद्यार्थियों को सहायता करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों का उत्साह और उनकी तैयारियों में दिखाई देने वाली मेहनत देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा।

23 सितम्बर 2026 – बुधवार

प्रस्तावना:
आज भी विद्यालय में नियमित अध्यापन के साथ आगामी कलोत्सव से संबंधित विभिन्न तैयारियाँ और अभ्यास जारी रहे।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। विद्यालय की नियमित गतिविधियों में भाग लेने के बाद कलोत्सव की तैयारियों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहायता की। विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के लिए अभ्यास कर रहे थे। मैंने आवश्यकतानुसार उनकी सहायता की। साथ ही, मध्याह्न भोजन वितरण में भी सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज मैंने 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों को पाठ की विषयवस्तु समझाई और प्रश्नोत्तर के माध्यम से उनकी समझ को जाँचा। कक्षा के बाद कलोत्सव से संबंधित तैयारियों में भी भाग लिया।

आज स्क्रिप्ट लेखन प्रतियोगिता जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत की।

आज के बारे में:
आज का दिन अध्यापन और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से भरपूर रहा। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कलोत्सव के लिए उनकी मेहनत को करीब से देखने का अवसर मिला।

कलोत्सव के दिन
24 सितम्बर 2026 – गुरुवार

प्रस्तावना:
आज से विद्यालय में तीन दिवसीय कलोत्सव शुरू हुआ। आज का दिन मेरे लिए विशेष था, क्योंकि मुझे कलोत्सव के दौरान स्टेज 2 में ड्यूटी दी गई थी।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। विद्यालय पहुँचने के बाद अपनी निर्धारित ड्यूटी के स्थान पर गई। मुझे स्टेज 2 की जिम्मेदारी दी गई थी। वहाँ विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के लिए आवश्यक नंबर देने, माइक्रोफोन की व्यवस्था देखने तथा मंच से संबंधित अन्य कार्यों में सहायता करना मेरी जिम्मेदारी थी।

मैंने पूरे दिन शिक्षकों के साथ मिलकर स्टेज की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहयोग किया। बीच में दोपहर का भोजन किया और उसके बाद भी अपनी ड्यूटी जारी रखी।

कक्षा क्रियाएँ:
आज नियमित कक्षाएँ नहीं हुईं, क्योंकि विद्यालय में कलोत्सव की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही थीं। विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भागीदारी और मंच पर होने वाली गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मैंने सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज नियमित कक्षाएँ नहीं हुईं, क्योंकि विद्यालय में कलोत्सव की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही थीं। विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भागीदारी और मंच पर होने वाली गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मैंने सहयोग किया।

आज के बारे में:
आज का दिन मेरे लिए एक नया और महत्वपूर्ण अनुभव रहा। स्टेज 2 पर ड्यूटी करने से मुझे एक बड़े विद्यालयीन कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। विद्यार्थियों को नंबर देना, माइक्रोफोन की व्यवस्था देखना और मंच से संबंधित कार्यों में सहायता करना मेरे लिए बहुत उपयोगी अनुभव रहा। मेरी ड्यूटी लगभग शाम 4:00 से 5:00 बजे तक जारी रही।

25 सितम्बर 2026 – शुक्रवार

प्रस्तावना:
आज कलोत्सव का दूसरा दिन था। आज विभिन्न नृत्य प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने विभिन्न नृत्य रूपों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। आज मेरी कोई विशेष मंच ड्यूटी नहीं थी, लेकिन कलोत्सव के आयोजन से संबंधित विभिन्न कार्यों में शिक्षकों की सहायता की। विद्यार्थियों की प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों को व्यवस्थित करने में आवश्यक सहयोग दिया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज नियमित कक्षाएँ नहीं हुईं, क्योंकि कलोत्सव की प्रतियोगिताएँ चल रही थीं। आज मुख्य रूप से विभिन्न नृत्य प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने भरतनाट्यम, मोहिनीयाट्टम आदि नृत्य प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियाँ बहुत आकर्षक और उत्साहपूर्ण थीं।

मैंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान की तथा कार्यक्रमों के सुचारू संचालन में सहयोग किया।

आज के बारे में:
आज मुझे विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को करीब से देखने का अवसर मिला। विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास दिखाई दिया। कलोत्सव में शिक्षकों के साथ मिलकर कार्य करना मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा।

26 सितम्बर 2026 – शनिवार

प्रस्तावना:
आज कलोत्सव का अंतिम दिन था। सोमवार के अवकाश के बदले आज विद्यालय में कार्य दिवस रखा गया था। आज विभिन्न पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। आज कलोत्सव के अंतिम दिन की विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को आवश्यक सहायता प्रदान की। कार्यक्रमों के सुचारू संचालन में सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज नियमित कक्षाएँ नहीं हुईं। कलोत्सव के अंतिम दिन विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इनमें नाटक, पल्लंकली, लोकगीत और अन्य पारंपरिक कार्यक्रम शामिल थे। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की।

दोपहर के बाद भी कुछ प्रतियोगिताएँ और कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लगभग 2:30 बजे हम विद्यालय से घर के लिए रवाना हुए।

आज के बारे में:
आज कलोत्सव का अंतिम दिन होने के कारण विद्यालय में बहुत उत्साहपूर्ण वातावरण था। विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतिभाओं को देखने और उनके कार्यक्रमों में सहयोग करने का अवसर मिला। तीन दिनों तक चलने वाले कलोत्सव में भाग लेना मेरे शिक्षण अभ्यास का एक महत्वपूर्ण और यादगार अनुभव रहा।

सप्ताह का समग्र अनुभव

21 से 26 सितम्बर 2026 तक का यह सप्ताह मेरे शिक्षण अभ्यास का एक विशेष और बहुत ही अनुभवपूर्ण सप्ताह रहा। 21 सितम्बर को सोमवार के दिन विद्यालय में अवकाश था, जिसके बदले 26 सितम्बर शनिवार को कार्य दिवस रखा गया था।

22 और 23 सितम्बर को मैंने नियमित रूप से 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। इन दोनों दिनों में आगामी कलोत्सव की तैयारियाँ भी चल रही थीं। मैंने विद्यार्थियों को विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं की तैयारी में सहायता की तथा मध्याह्न भोजन वितरण में भी सहयोग किया। 23 सितम्बर को स्क्रिप्ट लेखन प्रतियोगिता जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भी विद्यार्थियों ने भाग लिया।

24, 25 और 26 सितम्बर को विद्यालय में तीन दिवसीय कलोत्सव आयोजित किया गया। 24 सितम्बर को मुझे स्टेज 2 में ड्यूटी दी गई थी। विद्यार्थियों को नंबर देने, माइक्रोफोन की व्यवस्था देखने और मंच से संबंधित अन्य कार्यों को व्यवस्थित करने में मैंने शिक्षकों के साथ सहयोग किया। मेरी ड्यूटी शाम तक चली। यह मेरे लिए एक बड़े विद्यालयीन कार्यक्रम के संचालन का महत्वपूर्ण अनुभव था।

25 सितम्बर को कलोत्सव के दूसरे दिन भरतनाट्यम, मोहिनीयाट्टम आदि विभिन्न नृत्य प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। मैंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवश्यक सहायता प्रदान की। 26 सितम्बर को कलोत्सव के अंतिम दिन नाटक, पल्लंकली, लोकगीत तथा अन्य पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। दोपहर के बाद भी प्रतियोगिताएँ जारी रहीं और लगभग 2:30 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद हम घर के लिए रवाना हुए।

इस पूरे सप्ताह के अनुभव से मुझे यह समझने का अवसर मिला कि एक शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं होती। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक, रचनात्मक और कलात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, विद्यालयीन कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग करना तथा विद्यार्थियों के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों में भाग लेना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। तीन दिवसीय कलोत्सव में भाग लेकर मुझे विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन को करीब से देखने का अवसर मिला। यह पूरा सप्ताह मेरे शिक्षण अभ्यास का बहुत ही उपयोगी, आनंददायक और यादगार अनुभव रहा।

14 सितम्बर से 18 सितम्बर 202614 सितम्बर 2026 – सोमवारप्रस्तावना:आज मेरे शिक्षण अभ्यास का एक और महत्वपूर्ण सप्ताह शुरू हुआ। विद्यालय पहुँचकर मैंने नियमित विद्यालयीन गतिविधियों में भाग लिया। शिक्षण अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों को और बेहतर बनाने तथा अपनी शिक्षण क्षमता को विकसित करने का प्रयास किया।सामान्य क्रियाएँ:प्रार्थना सभा के बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियाँ शुरू हुईं। मैंने शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहयोग किया और विद्यार्थियों की गतिविधियों का अवलोकन किया। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को समझने तथा कक्षा के वातावरण का निरीक्षण करने का अवसर मिला।कक्षा क्रियाएँ:आज मैंने अपनी निर्धारित कक्षा में अध्यापन किया। पाठ योजना के अनुसार विषयवस्तु को विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया। प्रश्नोत्तर के माध्यम से विद्यार्थियों की समझ को जाँचा और उन्हें कक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

15 सितम्बर 2026 – मंगलवार

प्रस्तावना:
आज विद्यालय में सब-जिला स्तर की क्विज़ प्रतियोगिता के लिए एक क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों की सामान्य ज्ञान एवं विषय संबंधी जानकारी को विकसित करने का अवसर मिला।

सामान्य क्रियाएँ:
विद्यालय पहुँचकर मैंने नियमित गतिविधियों में भाग लिया। प्रतियोगिता से संबंधित तैयारियों और व्यवस्थाओं में सहयोग किया। विद्यार्थियों में प्रतियोगिता को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज आयोजित क्विज़ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देने के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी ज्ञान क्षमता और विषय संबंधी समझ का प्रदर्शन किया। मैंने प्रतियोगिता की गतिविधियों का अवलोकन किया और आवश्यक कार्यों में सहयोग किया।

आज के बारे में:
आज की क्विज़ प्रतियोगिता मेरे लिए एक अच्छा अनुभव रही। ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धात्मक भावना और ज्ञान प्राप्त करने की रुचि विकसित करने में सहायक होती हैं।

16 सितम्बर 2026 – बुधवार

प्रस्तावना:
आज विद्यालय में ओज़ोन दिवस के अवसर पर क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही, प्रधानाचार्य द्वारा हमारे शिक्षण अभ्यास का विश्लेषण करने के लिए विद्यालय का निरीक्षण किया गया।

सामान्य क्रियाएँ:
आज प्रधानाचार्य विद्यालय आए और हमारे शिक्षण अभ्यास तथा विद्यालय में हमारी गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षण अभ्यास की प्रगति और हमारे कार्यों का विश्लेषण किया। इस दौरान हमें अपने कार्यों को अधिक जिम्मेदारी और व्यवस्थित ढंग से करने की प्रेरणा मिली।

कक्षा क्रियाएँ:
ओज़ोन दिवस के संबंध में क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने ओज़ोन परत, पर्यावरण संरक्षण तथा उससे संबंधित विषयों पर आधारित प्रश्नों में भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।

आज के बारे में:
आज का दिन मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा। प्रधानाचार्य द्वारा शिक्षण अभ्यास का विश्लेषण किए जाने से मुझे अपने कार्यों को समझने और उनमें सुधार करने का अवसर मिला। ओज़ोन दिवस की क्विज़ प्रतियोगिता ने पर्यावरण संबंधी ज्ञान को बढ़ाने में भी सहायता की।

17 सितम्बर 2026 – गुरुवार

प्रस्तावना:
आज मेरे शिक्षण अभ्यास का एक महत्वपूर्ण दिन रहा, क्योंकि आज वैकल्पिक विषय के शिक्षक द्वारा मेरे अध्यापन का निरीक्षण किया गया।

सामान्य क्रियाएँ:
विद्यालय पहुँचकर मैंने प्रार्थना सभा और नियमित गतिविधियों में भाग लिया। इसके बाद अपनी कक्षा तथा पाठ योजना की तैयारी की। निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए पाठ की सभी गतिविधियों को व्यवस्थित किया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज वैकल्पिक विषय के शिक्षक ने मेरी कक्षा का निरीक्षण किया। मैंने अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया और विद्यार्थियों को विषयवस्तु समझाने के लिए प्रश्नोत्तर तथा अन्य शिक्षण-अधिगम गतिविधियों का प्रयोग किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षक ने मेरे अध्यापन को देखा और आवश्यक सुझाव दिए।

आज के बारे में:
आज का अनुभव मेरे लिए बहुत उपयोगी रहा। शिक्षक के निरीक्षण से मुझे अपने अध्यापन की विशेषताओं तथा सुधार किए जाने वाले क्षेत्रों को समझने का अवसर मिला। इससे मेरे शिक्षण कौशल को और विकसित करने की प्रेरणा मिली।

18 सितम्बर 2026 – शुक्रवार

प्रस्तावना:
आज मेरे शिक्षण अभ्यास का एक विशेष और आनंददायक दिन रहा। आज साहित्यिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं और साथ ही सामान्य शिक्षक द्वारा 8E कक्षा में मेरे अध्यापन का निरीक्षण किया गया।

सामान्य क्रियाएँ:
विद्यालय पहुँचकर मैंने नियमित गतिविधियों में भाग लिया। साहित्यिक प्रतियोगिताओं के आयोजन में सहयोग किया और विद्यार्थियों की गतिविधियों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज 8E कक्षा में सामान्य शिक्षक द्वारा मेरे अध्यापन का निरीक्षण किया गया। मैंने अपनी पाठ योजना के अनुसार कक्षा संचालित की। विषयवस्तु को सरल तरीके से समझाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने और उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित किया। शिक्षक ने मेरे अध्यापन का निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव दिए।

इसके अलावा, विद्यालय में विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों को अपनी साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

आज के बारे में:
आज का दिन मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा। एक ओर शिक्षक के निरीक्षण से मुझे अपने अध्यापन को सुधारने का अवसर मिला, वहीं साहित्यिक प्रतियोगिताओं के आयोजन से विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रतिभा को देखने का अवसर प्राप्त हुआ। आज के अनुभव ने मेरे शिक्षण अभ्यास को और अधिक समृद्ध बनाया।

सप्ताह का समग्र अनुभव

14 से 18 सितम्बर 2026 तक का यह सप्ताह मेरे शिक्षण अभ्यास का बहुत ही अनुभवपूर्ण सप्ताह रहा। इस सप्ताह मुझे केवल नियमित अध्यापन ही नहीं, बल्कि विभिन्न शैक्षणिक, प्रतियोगात्मक और निरीक्षण संबंधी गतिविधियों में भी भाग लेने का अवसर मिला। 15 सितम्बर को आयोजित क्विज़ प्रतियोगिता, 16 सितम्बर को आयोजित ओज़ोन दिवस क्विज़, 17 सितम्बर को हुए वैकल्पिक शिक्षक के कक्षा निरीक्षण तथा 18 सितम्बर को आयोजित साहित्यिक प्रतियोगिताएँ और सामान्य शिक्षक का 8E कक्षा निरीक्षण मेरे लिए विशेष अनुभव रहे। 16 सितम्बर को प्रधानाचार्य द्वारा शिक्षण अभ्यास का विश्लेषण किया जाना भी मेरे लिए महत्वपूर्ण रहा।

इस पूरे सप्ताह के अनुभवों से मुझे यह समझने में सहायता मिली कि एक शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं होती। प्रतियोगिताओं का आयोजन, विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना, विभिन्न गतिविधियों में सहयोग करना तथा अपने अध्यापन का निरीक्षण और मूल्यांकन स्वीकार करना भी शिक्षक के व्यावसायिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

शिक्षण अभ्यास ब्लॉग – 7 से 11 सितम्बर 20267 सितम्बर 2026प्रस्तावना:आज मेरे शिक्षण अभ्यास का एक महत्वपूर्ण दिन रहा। आज मुझे 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अध्यापन करने का अवसर मिला।सामान्य क्रियाएँ:मैं प्रातः विद्यालय पहुँची और प्रार्थना सभा में भाग लिया। इसके बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियाँ शुरू हुईं। मैंने शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहयोग किया और विद्यार्थियों की गतिविधियों का अवलोकन किया।कक्षा क्रियाएँ:आज मेरी कक्षाएँ 8E और 9D में थीं। मैंने अपनी पाठ योजना के अनुसार दोनों कक्षाओं में अध्यापन किया। विद्यार्थियों को विषयवस्तु सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया। प्रश्नोत्तर तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।आज के बारे में:आज दोनों कक्षाओं में अध्यापन करने से मुझे अपने शिक्षण कौशल को और बेहतर बनाने का अवसर मिला। विद्यार्थियों के साथ बातचीत करने से मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ा।8 सितम्बर 2026प्रस्तावना:आज का दिन मेरे लिए विशेष और अनुभवपूर्ण रहा। आज मुझे 8E और 9D में अध्यापन करने के साथ-साथ अपने महाविद्यालय जाकर मतदान में भाग लेने का अवसर भी मिला।सामान्य क्रियाएँ:मैं सुबह विद्यालय पहुँची और प्रार्थना सभा में भाग लिया। इसके बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियों में शामिल हुई। मैंने शिक्षकों के विभिन्न कार्यों में सहयोग किया। बाद में मैं के.यू.सी.टी.ई., कार्यवट्टम महाविद्यालय गई और वहाँ मतदान में भाग लिया।कक्षा क्रियाएँ:आज मैंने 8E और 9D कक्षाओं में अध्यापन किया। पाठ योजना के अनुसार विषयवस्तु विद्यार्थियों को समझाई। विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे और उनकी शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने कक्षा की गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।आज के बारे में:आज शिक्षण अभ्यास के साथ-साथ मतदान में भाग लेना मेरे लिए एक नया अनुभव था। इससे मुझे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्य को समझने का अवसर मिला।9 सितम्बर 2026प्रस्तावना:आज शिक्षण अभ्यास का एक उपयोगी दिन रहा। आज मुझे 9D कक्षा में अध्यापन करने का अवसर मिला।सामान्य क्रियाएँ:मैं प्रातः विद्यालय पहुँची और प्रार्थना सभा में भाग लिया। इसके बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियाँ शुरू हुईं। मैंने शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों में सहायता की और विद्यार्थियों की गतिविधियों का अवलोकन किया।कक्षा क्रियाएँ:आज मेरी कक्षा 9D थी। मैंने पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विषयवस्तु को विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया। प्रश्नोत्तर के माध्यम से विद्यार्थियों की समझ को जाँचा और उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।आज के बारे में:आज 9D कक्षा में अध्यापन करने से मुझे अपनी शिक्षण पद्धति को और प्रभावी बनाने का अवसर मिला। विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया से मुझे अपने अध्यापन में सुधार करने के लिए भी प्रेरणा मिली।10 सितम्बर 2026प्रस्तावना:आज भी मेरे शिक्षण अभ्यास का एक महत्वपूर्ण दिन रहा। आज मेरी कक्षा 9D थी।सामान्य क्रियाएँ:मैं प्रातः विद्यालय पहुँची और प्रार्थना सभा में भाग लिया। इसके बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियों में भाग लिया। मैंने शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहयोग किया तथा विद्यार्थियों की गतिविधियों का निरीक्षण किया।कक्षा क्रियाएँ:आज मैंने 9D में अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों को पाठ की विषयवस्तु समझाई और प्रश्नोत्तर के माध्यम से उनकी समझ को परखा। विद्यार्थियों ने कक्षा में रुचि के साथ भाग लिया।आज के बारे में:आज के अध्यापन से मुझे कक्षा को प्रभावी ढंग से संचालित करने का और अधिक अनुभव प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों के साथ संवाद करने से मेरे आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।11 सितम्बर 2026प्रस्तावना:आज शिक्षण अभ्यास का एक अच्छा और अनुभवपूर्ण दिन रहा। आज मुझे 8E और 9D दोनों कक्षाओं में अध्यापन करने का अवसर मिला।सामान्य क्रियाएँ:मैं प्रातः विद्यालय पहुँची और प्रार्थना सभा में भाग लिया। इसके बाद विद्यालय की नियमित गतिविधियाँ शुरू हुईं। मैंने शिक्षकों के विभिन्न कार्यों में सहायता की। दोपहर के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरित करने में भी सहयोग किया।कक्षा क्रियाएँ:आज मेरी कक्षाएँ 8E और 9D में थीं। मैंने दोनों कक्षाओं में अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों को विषयवस्तु सरल और स्पष्ट रूप से समझाई। प्रश्नोत्तर तथा अन्य शिक्षण-अधिगम गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की।आज के बारे में:आज का दिन मेरे लिए बहुत अच्छा रहा। दो अलग-अलग कक्षाओं में अध्यापन करने के साथ-साथ मध्याह्न भोजन वितरण में सहयोग करने से मुझे एक शिक्षक की विभिन्न जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला। इस सप्ताह के अनुभवों ने मेरे शिक्षण कौशल और आत्मविश्वास को और मजबूत किया।

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शिक्षण अभ्यास ब्लॉग : 31 अगस्त – 5 सितम्बर 2026

31 अगस्त 2026 (सोमवार)

प्रस्तावना:
लगभग दस दिनों के अवकाश के बाद 31 अगस्त 2026 को विद्यालय पुनः खुला और मेरा शिक्षण अभ्यास भी फिर से शुरू हुआ। लंबे अवकाश के बाद विद्यालय लौटना मेरे लिए उत्साहपूर्ण अनुभव रहा।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची और प्रार्थना सभा में भाग लिया। द्वितीय पीरियड में मेरी 9A में प्रतिस्थापन कक्षा थी। इसके बाद मैंने शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहायता की तथा प्रश्नपत्रों की जाँच में सहयोग किया। दोपहर के समय विद्यार्थियों को भोजन वितरण करने में भी सहायता की। विद्यालय का कार्य 3:45 बजे समाप्त हुआ और मैं घर लौट आई।

कक्षा क्रियाएँ:
चौथे पीरियड में मेरी कक्षा 9D में थी। मैंने अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया और विद्यार्थियों को विषयवस्तु सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया।

आज के बारे में:
लंबे अवकाश के बाद शिक्षण अभ्यास पुनः शुरू करना मेरे लिए अच्छा अनुभव रहा। अध्यापन के साथ-साथ शिक्षकों के कार्यों में सहयोग करने से विद्यालय की विभिन्न जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला।


1 सितम्बर 2026 (मंगलवार)

प्रस्तावना:
आज का दिन नियमित अध्यापन के साथ-साथ विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं विद्यालय के विभिन्न कार्यों में सहयोग करने का अवसर प्रदान करने वाला रहा।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। आज मेरी कोई नियमित कक्षा निर्धारित नहीं थी। मैंने शिक्षकों के साथ मिलकर प्रश्नपत्रों की जाँच तथा अन्य शैक्षणिक कार्यों में सहायता की। दोपहर के समय विद्यार्थियों को भोजन वितरण करने में भी सहयोग किया। दोपहर के बाद विद्यार्थी आगामी कार्यक्रम के लिए रिहर्सल कर रहे थे, जिसमें मैंने आवश्यकतानुसार सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज नियमित पाठ योजना वाली कक्षा नहीं थी। विद्यार्थियों के साथ एक इंटरैक्शन क्लास में भाग लिया तथा हिंदी वर्णमाला से संबंधित कुछ खेल एवं गतिविधियाँ कराईं। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आज के बारे में:
आज मुझे खेल एवं गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ संवाद करने का अवसर मिला। इससे विद्यार्थियों को मनोरंजक तरीके से सीखने और उनके साथ बेहतर संबंध स्थापित करने का अनुभव प्राप्त हुआ।


2 सितम्बर 2026 (बुधवार)

प्रस्तावना:
आज शिक्षण अभ्यास के दौरान विद्यालय में आगामी कार्यक्रम की तैयारियों को समझने और उसमें सहयोग करने का अवसर मिला।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। नियमित विद्यालयीन गतिविधियों में भाग लेने के साथ-साथ मैंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ मिलकर आगामी कार्यक्रम की तैयारियों में सहयोग किया। दोपहर के बाद विद्यार्थी कार्यक्रम के लिए रिहर्सल कर रहे थे। मैंने रिहर्सल का अवलोकन किया तथा आवश्यकता के अनुसार विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहायता की।

कक्षा क्रियाएँ:
आज कोई नियमित पाठ योजना वाली कक्षा नहीं थी। इसलिए मैंने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया तथा कार्यक्रम से संबंधित तैयारियों में भाग लिया।

आज के बारे में:
आज मुझे किसी विद्यालयीन कार्यक्रम को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक तैयारी और अभ्यास की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों की मेहनत, उत्साह और टीमवर्क देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा।


3 सितम्बर 2026 (गुरुवार)

प्रस्तावना:
आज का दिन मेरे शिक्षण अभ्यास का एक विशेष एवं यादगार दिन रहा। विद्यालय की ओर से ओणम समारोह एवं शोभायात्रा में भाग लेने का अवसर मिला।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। विद्यालय की ओर से आयोजित ओणम कार्यक्रम की तैयारियों में मैंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ मिलकर सहयोग किया। विद्यार्थियों ने ओणम से संबंधित फैंसी ड्रेस, गीत, कैकोट्टिकली तथा फ्लोट आदि तैयार किए थे। मैंने इन सभी तैयारियों में शिक्षकों की सहायता की। दोपहर लगभग 1:30–2:00 बजे हम आट्टिंगल पहुँचे और विद्यालय की ओर से आयोजित ओणम शोभायात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा लगभग शाम 7:00 बजे तक चली।

कक्षा क्रियाएँ:
आज नियमित अध्यापन कक्षा नहीं थी। विद्यार्थियों के साथ ओणम कार्यक्रम एवं शोभायात्रा से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया और उनकी तैयारियों में सहयोग किया।

आज के बारे में:
आज का दिन मेरे लिए बहुत ही आनंददायक एवं यादगार रहा। इतने बड़े कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आयोजित करने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, उत्साह और टीमवर्क देखकर मुझे बहुत खुशी हुई।


4 सितम्बर 2026 (शुक्रवार)

अवकाश:
आज विद्यालय में अवकाश था। इसलिए शिक्षण अभ्यास नहीं हुआ और इस दिन की कोई reflection नहीं लिखी गई।


5 सितम्बर 2026 (शनिवार)

प्रस्तावना:
आज का दिन मेरे शिक्षण अभ्यास का एक विशेष, रोचक एवं ज्ञानवर्धक दिन रहा। विद्यालय में विज्ञान मेला (Science Fair) आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों से संबंधित रचनात्मक कार्य एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

सामान्य क्रियाएँ:
मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। विज्ञान मेले में विभिन्न विषयों से संबंधित विद्यार्थियों ने अनेक मॉडल, चार्ट, प्रोजेक्ट एवं प्रयोग तैयार करके प्रदर्शित किए थे। मैंने शिक्षकों के साथ मिलकर विद्यार्थियों की सहायता की तथा मेले की गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग किया।

कक्षा क्रियाएँ:
आज विज्ञान मेले के कारण नियमित पाठ योजना वाली कक्षा नहीं हुई। मैंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्टों और मॉडलों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट के कार्य करने की प्रक्रिया समझाई और मैंने उनके कार्यों की सराहना एवं प्रोत्साहन किया।

आज के बारे में:
आज का दिन मेरे लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं यादगार रहा। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, मेहनत और आत्मविश्वास को करीब से देखने का अवसर मिला। विज्ञान मेले में शिक्षकों के साथ सहयोग करने से मुझे टीमवर्क, आयोजन क्षमता तथा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

सप्ताह का अनुभव

31 अगस्त से 5 सितम्बर 2026 तक का यह सप्ताह मेरे शिक्षण अभ्यास का एक महत्वपूर्ण एवं अनुभवसमृद्ध सप्ताह रहा। लंबे अवकाश के बाद विद्यालय में वापस आकर नियमित शिक्षण अभ्यास जारी रखने के साथ मुझे प्रतिस्थापन कक्षा, पाठ योजना के अनुसार अध्यापन, प्रश्नपत्र जाँच, विद्यार्थियों के साथ इंटरैक्शन, हिंदी वर्णमाला की गतिविधियाँ, कार्यक्रम की रिहर्सल, ओणम शोभायात्रा तथा विज्ञान मेले जैसी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला। इन अनुभवों ने मेरे शिक्षण कौशल, आत्मविश्वास, संगठनात्मक क्षमता, टीमवर्क और विद्यालय की विभिन्न जिम्मेदारियों को समझने की क्षमता को और अधिक विकसित किया। यह सप्ताह मेरे शिक्षण अभ्यास का एक बहुत ही उपयोगी और यादगार हिस्सा रहा।



शिक्षण अभ्यास ब्लॉग (03 अगस्त – 07 अगस्त 2026)
03 अगस्त 2026 (सोमवार)
आज मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। प्रार्थना सभा के पश्चात् नियमित कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं। आज मेरी कक्षाएँ 9D तथा 8E में थीं। मैंने दोनों कक्षाओं में अपनी पाठ योजनाओं के अनुसार अध्यापन किया तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सभी गतिविधियों में भाग लिया। दोपहर के भोजन के समय मैंने विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण करने में सहयोग किया। साथ ही शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में भी सहायता की। आज का दिन मेरे लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायक रहा।

04 अगस्त 2026 (मंगलवार)
आज मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। प्रार्थना सभा के बाद नियमित कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं। मेरी कक्षा 8E में थी, जहाँ मैंने अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों ने विषय में रुचि दिखाई तथा सभी शिक्षण-अधिगम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की। दोपहर के समय मैंने विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण करने में सहयोग किया तथा विद्यालय की अन्य गतिविधियों में भी भाग लिया। आज का दिन मेरे शिक्षण अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाने वाला रहा।

05 अगस्त 2026 (बुधवार)
आज मेरी कोई पाठ योजना वाली कक्षा नहीं थी। प्रार्थना सभा के बाद मुझे कक्षा 9A में प्रतिस्थापन (Substitution) कक्षा लेने का अवसर मिला। मैंने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया, उन्हें अध्ययन के लिए प्रेरित किया तथा अनुशासन बनाए रखने का प्रयास किया। इसके अतिरिक्त शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहयोग किया तथा दोपहर के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण में सहायता की। इस दिन ने मुझे कक्षा प्रबंधन एवं विद्यार्थियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने का अनुभव प्रदान किया।

06 अगस्त 2026 (गुरुवार)
आज विद्यालय में हिरोशिमा दिवस के उपलक्ष्य में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने भाषण, गीत, नृत्य तथा शांति का संदेश देने वाले चार्ट एवं पोस्टर प्रस्तुत किए। मैंने शिक्षकों के साथ मिलकर कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। कार्यक्रम के माध्यम से विश्व शांति, मानवता तथा परमाणु युद्ध के दुष्परिणामों के बारे में महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। नियमित अध्यापन के साथ-साथ मैंने विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण में भी सहयोग किया। यह दिन मेरे लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा।

07 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
आज विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिता (Sports Meet) का आयोजन किया गया। मुझे प्रमाण-पत्र लेखन समिति (Certificate Writing Committee) में कार्य करने की जिम्मेदारी मिली। मैंने शिक्षकों के साथ मिलकर विजेता विद्यार्थियों के प्रमाण-पत्र तैयार किए तथा प्रतियोगिता के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग दिया। दोपहर के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण में भी सहायता की। खेलकूद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना सराहनीय थी। इस आयोजन में भाग लेकर मुझे टीमवर्क, संगठनात्मक क्षमता तथा एक शिक्षक की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला।

सप्ताह का अनुभव
03 अगस्त से 07 अगस्त 2026 तक का सप्ताह मेरे शिक्षण अभ्यास का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनुभवसमृद्ध सप्ताह रहा। इस सप्ताह मुझे नियमित अध्यापन, प्रतिस्थापन कक्षाओं का संचालन, मध्याह्न भोजन वितरण, शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों में सहयोग, हिरोशिमा दिवस एवं खेलकूद प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिला। इन सभी अनुभवों ने मेरे शिक्षण कौशल, आत्मविश्वास, संगठनात्मक क्षमता तथा विद्यालय की कार्यप्रणाली के प्रति मेरी समझ को और अधिक विकसित किया। यह सप्ताह मुझे एक उत्तरदायी, संवेदनशील एवं कुशल शिक्षक बनने की दिशा में निरंतर प्रेरित करता रहा।

शिक्षण अभ्यास ब्लॉग (27 जुलाई – 31 जुलाई 2026)27 जुलाई 2026 (सोमवार)आज मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। प्रार्थना सभा के बाद मेरी कक्षा 8E में थी, जहाँ मैंने अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया और पाठ योजना सफलतापूर्वक पूर्ण की। विद्यालय में विज्ञान प्रश्नोत्तरी (Science Quiz) का आयोजन किया गया, जिसका अवलोकन करने का अवसर मिला। दोपहर के भोजन के समय मैंने विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण करने में सहयोग किया। विद्यालय का कार्य समाप्त होने के बाद हम के.यू.सी.टी.ई., कार्यवट्टम गए, जहाँ अध्यापकों ने हमारी पाठ योजनाओं का संशोधन किया और आवश्यक सुझाव दिए।28 जुलाई 2026 (मंगलवार)आज विद्यालय की नियमित गतिविधियाँ सामान्य रूप से सम्पन्न हुईं। मैंने अपनी निर्धारित कक्षाओं में पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों ने कक्षा में सक्रिय रूप से भाग लिया और सभी शिक्षण-अधिगम गतिविधियों में रुचि दिखाई। दोपहर के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण में सहयोग किया तथा शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहायता की। इस दिन का अनुभव मेरे शिक्षण कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रहा।29 जुलाई 2026 (बुधवार)आज मेरी कोई नियमित कक्षा नहीं थी। प्रार्थना सभा के बाद मैंने शिक्षकों के विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहयोग किया तथा आगामी कक्षाओं के लिए अपनी पाठ योजना तैयार की। पढ़ाए जाने वाले पाठों का अध्ययन किया और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण का अवलोकन किया। दोपहर के भोजन के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण में भी सहायता की। आज का दिन विद्यालय की कार्यप्रणाली को समझने के लिए उपयोगी रहा।30 जुलाई 2026 (गुरुवार)आज मेरी कक्षा 8E में थी। मेरी अध्यापिका ने मेरी कक्षा का निरीक्षण (Observation) किया। मैंने अपनी पाठ योजना के अनुसार आत्मविश्वास के साथ अध्यापन किया। कक्षा के बाद अध्यापिका ने मेरे अध्यापन की सराहना की तथा कुछ आवश्यक सुधारों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। मैंने उन सुझावों को ध्यानपूर्वक स्वीकार किया। दोपहर के भोजन के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण करने में भी सहयोग किया। आज का दिन मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।31 जुलाई 2026 (शुक्रवार)आज विद्यालय में नियमित कक्षाओं के साथ गणित प्रश्नोत्तरी (Maths Quiz) तथा प्रेमचंद जयंती के अवसर पर हिंदी प्रश्नोत्तरी (Hindi Quiz) का आयोजन किया गया। मैंने कक्षा 9E में अपनी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। इसके अतिरिक्त, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के संचालन में शिक्षकों का सहयोग किया तथा विजेता विद्यार्थियों के लिए ब्रोशर/प्रमाण-पत्र तैयार करने में सहायता की। दोपहर के समय विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण में भी सहयोग किया। आज का दिन मेरे लिए अत्यंत आनंददायक, ज्ञानवर्धक एवं अनुभवपूर्ण रहा।सप्ताह का अनुभवइस सप्ताह शिक्षण अभ्यास के दौरान मुझे नियमित अध्यापन के साथ-साथ विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं, कक्षा निरीक्षण, पाठ योजना संशोधन तथा विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन वितरण जैसी जिम्मेदारियों में भाग लेने का अवसर मिला। इन अनुभवों ने मेरे शिक्षण कौशल, आत्मविश्वास, संगठनात्मक क्षमता तथा विद्यालय की कार्यप्रणाली के प्रति मेरी समझ को और अधिक विकसित किया। यह सप्ताह मेरे लिए सीखने, आत्ममूल्यांकन करने और एक प्रभावी शिक्षक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

शिक्षण अभ्यास ब्लॉग (20 जुलाई – 24 जुलाई 2026)20 जुलाई 2026 (सोमवार)आज फुटबॉल विश्व कप फाइनल के कारण सरकार द्वारा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया। इसलिए शिक्षण अभ्यास नहीं हुआ। इस दिन मैंने घर पर रहकर अपनी आगामी कक्षाओं के लिए पाठ योजनाओं का पुनरावलोकन किया तथा पढ़ाए जाने वाले पाठों का अध्ययन किया। इससे मुझे आने वाली कक्षाओं की बेहतर तैयारी करने का अवसर मिला।21 जुलाई 2026 (मंगलवार)आज मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। प्रार्थना सभा के बाद नियमित कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं। मैंने कक्षा 9E तथा 8E में अपनी पाठ योजनाओं के अनुसार अध्यापन किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सभी गतिविधियों में भाग लिया तथा विषय को समझने में रुचि दिखाई। विद्यालय का कार्य समाप्त होने के बाद हम के.यू.सी.टी.ई., कार्यवट्टम गए, जहाँ हमारे अध्यापकों ने पाठ योजनाओं का संशोधन किया और आवश्यक सुझाव दिए। इन सुझावों से मुझे अपने अध्यापन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिली।22 जुलाई 2026 (बुधवार)आज मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। प्रार्थना सभा के बाद नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में के.एस.यू. (KSU) द्वारा आयोजित हड़ताल के कारण विद्यार्थियों को घर भेज दिया गया। मेरा प्रथम पीरियड कक्षा 9E में था, जहाँ मैंने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इसके बाद मैंने अपनी पाठ योजना तैयार की, आगामी पाठों का अध्ययन किया तथा शिक्षकों से विद्यालय की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में चर्चा की। विद्यालय का कार्य दोपहर 3:00 बजे समाप्त हुआ।23 जुलाई 2026 (गुरुवार)आज भी मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। विद्यालय की सामान्य गतिविधियाँ प्रारम्भ हुईं, लेकिन हड़ताल के कारण विद्यार्थियों को शीघ्र घर भेज दिया गया। इस अवसर का उपयोग करते हुए मैंने अपनी पाठ योजना तैयार की, पढ़ाए जाने वाले पाठों का अभ्यास किया तथा विद्यालय परिसर का अवलोकन किया। शिक्षकों से बातचीत के माध्यम से परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया तथा पाठ्यक्रम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।24 जुलाई 2026 (शुक्रवार)आज भी एस.एफ.आई. (SFI) द्वारा नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हड़ताल के कारण विद्यालय का कार्य प्रभावित रहा। मेरा प्रथम पीरियड कक्षा 8E में था। मैंने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया, लेकिन प्रथम पीरियड के बाद विद्यार्थियों को घर भेज दिया गया। शेष समय में मैंने अपनी पाठ योजना तैयार की, आगामी अध्यापन की तैयारी की तथा शिक्षकों से प्रश्नपत्र निर्माण, पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली के संबंध में चर्चा की। विद्यालय का कार्य दोपहर 3:00 बजे समाप्त हुआ।सप्ताह का अनुभव इस सप्ताह शिक्षण अभ्यास के दौरान मुझे नियमित अध्यापन के साथ-साथ कुछ विशेष परिस्थितियों का भी अनुभव हुआ। हड़ताल के कारण नियमित कक्षाएँ प्रभावित होने पर भी मैंने अपने समय का सदुपयोग करते हुए पाठ योजनाएँ तैयार कीं, शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा विद्यालय की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इन अनुभवों ने मेरे शिक्षण कौशल, आत्मविश्वास तथा व्यावसायिक समझ को और अधिक विकसित किया तथा एक सफल शिक्षक बनने की दिशा में मुझे प्रेरित किया।

शिक्षण अभ्यास ब्लॉग – प्रथम सप्ताह (13 जुलाई 2026 – 17 जुलाई 2026)शिक्षण अभ्यास का मेरा प्रथम सप्ताह 13 जुलाई 2026 से प्रारम्भ हुआ। पहले दिन मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। मुझे कक्षा 9E और कक्षा 8E में हिंदी विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी मिली। पहले दिन मैंने विद्यार्थियों से अपना परिचय कराया तथा विद्यार्थियों ने भी अपना नाम और अपने निवास स्थान का परिचय दिया। इसके बाद मैंने हिंदी विषय की शुरुआत करते हुए विद्यार्थियों को हिंदी की गिनती तथा कुछ मूलभूत शब्दों का परिचय कराया। उसी दिन विद्यालय में नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मैंने भाग लिया। इस कार्यक्रम से नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों तथा स्वस्थ जीवन के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। विद्यालय की छुट्टी दोपहर 3:45 बजे हुई और मैं घर लौट आई।14 जुलाई 2026 को मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची तथा 9:15 बजे कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं। मेरा पहला पीरियड कक्षा 9E में था, जहाँ मैंने अपनी पहली पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। इसके बाद मुझे कक्षा 9A में प्रतिस्थापन (Substitution) कक्षा लेने का अवसर मिला। दोपहर के भोजन के बाद मैंने शिक्षकों को परीक्षा उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में सहायता की तथा विद्यालय की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी सहयोग किया। इससे मुझे विद्यालय के कार्यों और एक शिक्षक की जिम्मेदारियों को निकट से समझने का अवसर मिला।15 जुलाई 2026 को मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। इस दिन मेरा तीसरा पीरियड कक्षा 9E में था, जहाँ मैंने अपनी दूसरी पाठ योजना पूर्ण की। इसके अतिरिक्त मैंने कक्षा 8E में अपनी पहली पाठ योजना भी सफलतापूर्वक पूरी की। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कक्षा में भाग लिया, जिससे मेरा आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा। विद्यालय की छुट्टी 3:45 बजे हुई और मैं घर लौट आई।16 जुलाई 2026 को मैंने कक्षा 8E में अपनी दूसरी पाठ योजना के अनुसार अध्यापन किया। इस दिन विद्यालय में प्रातःकालीन सभा (Assembly) का आयोजन किया गया। मुझे सभा के संचालन की प्रक्रिया को समझने तथा उसमें भाग लेने का अवसर मिला। सभा में प्रसिद्ध गायिका एस. जानकी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) पर एक जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। मैंने इस कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक था। विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण सराहनीय था तथा मुझे उन्हें प्रोत्साहित करने का अवसर मिला।17 जुलाई 2026 को मैं प्रातः 9:00 बजे विद्यालय पहुँची। इस दिन मेरी कक्षा 9E में थी। विद्यालय में कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था। मैंने अपने अध्यापन कार्य के साथ-साथ शिक्षकों को उनके विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में सहयोग किया। विद्यार्थियों को पाठ समझने में सहायता की, शिक्षकों के साथ मिलकर परीक्षा उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में सहयोग किया तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। इन सभी अनुभवों से मुझे एक शिक्षक के कार्यों और विद्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक गहराई से समझने का अवसर मिला। विद्यालय की छुट्टी सायं 4:00 बजे हुई और मैं अपने घर लौट आई।शिक्षण अभ्यास का प्रथम सप्ताह मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और अनुभवपूर्ण रहा। इस सप्ताह मुझे विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करने, पाठ योजनाओं के अनुसार अध्यापन करने, शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों में सहयोग देने तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिला। इन अनुभवों ने मेरे आत्मविश्वास, कक्षा प्रबंधन कौशल तथा एक शिक्षक के रूप में मेरी व्यावसायिक समझ को और अधिक विकसित किया। मुझे विश्वास है कि आने वाले सप्ताहों में मैं और अधिक सीखकर एक सफल एवं प्रभावी शिक्षक बनने की दिशा में आगे बढ़ूँगी।